F1: रेस्तरां में प्रवेश से रोके जाने के बाद करुण चंडोक ने कहा, खेल में और विविधता की जरूरी

रेस्तरां में प्रवेश से रोके जाने के बाद करुण चंडोक ने कहा, खेल में और विविधता की जरूरी- अपनी त्वचा के रंग के…

फॉर्मूला वन ड्राइवर करुण चंडोक ने कहा, खेल में और विविधता की जरूरी
फॉर्मूला वन ड्राइवर करुण चंडोक ने कहा, खेल में और विविधता की जरूरी

रेस्तरां में प्रवेश से रोके जाने के बाद करुण चंडोक ने कहा, खेल में और विविधता की जरूरी- अपनी त्वचा के रंग के कारण हाल ही में एक रेस्तरां में प्रवेश से रोके जाने के बाद फॉर्मूला वन (एफवन) ड्राइवर से टेलीविजन विशेषज्ञ बने करुण चंडोक ने फॉर्मूला वन के माध्यम से नस्लवाद के खिलाफ अधिक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

एफवन ने हालांकि नस्लवाद के मुद्दे को सुलझाने के लिए पहले ही कुछ ‘प्रभावशाली’ कदम उठाए है.

चंडोक ने 2009-2010 के बीच फॉर्मूला वन रेस में भाग लिया. वह अब एक सम्मानित कमेंटेटर हैं और सात बार के विश्व चैंपियन लुईस हैमिल्टन के साथ पैडॉक (फॉर्मूला वन रेस सर्किट) में शामिल कुछ अश्वेत लोगों में शामिल है.

पिछले हफ्ते मोनाको जीपी के दौरान सोशल मीडिया पर एक रेस्तरां के बारे में अपने हालिया अनुभव के बारे में पोस्ट करने के बाद चंडोक ने इंग्लैंड से पीटीआई-भाषा से बात करते हुए कहा कि वह अतीत पर ध्यान नहीं देंगे, लेकिन खेल को और अधिक विविध बनाने के लिए योगदान देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे जिसमें अधिक भारतीय शामिल हो सकें.

उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि उनके साथ यह घटना किस देश में घटी.

चंडोक ने कहा, “मुझे अतीत (उस घटना के बारे में) के बारे में बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है. समाधान भविष्य के बारे में बात करना है. हमें यह समझने और सीखने की जरूरत है कि अश्वेत लोग अधिक संख्या में खेल और फॉर्मूला वन में क्यों शामिल नहीं हो पाए हैं. लुईस (हैमिल्टन) अपने हैमिल्टन आयोग के माध्यम से इसे समझने के लिए कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “फॉर्मूला वन इस समय वास्तव में खेल के अंदर विविधता लाने में विश्वास करता है.”

उन्होंने कहा, “ऐतिहासिक रूप से यह एक ऐसा खेल है जिसमें शामिल होने वाले 90% से अधिक लोग श्वेत हैं. ऐसे में अल्पसंख्यक (अश्वेत) पृष्ठभूमि के कुछ लोगों में से एक के तौर पर मुझे यह देखने के लिए बहुत प्रोत्साहित किया जाता है कि एफवन एक खेल के रूप में और टीमें के प्रतिभागियों के रूप में उस संतुलन को बदलने के लिए क्या कदम उठा रहा है.”

हैमिल्टन ने पिछले साल आरोप लगाया था कि फॉर्मूला वन नस्लवाद को संबोधित करने के लिए अधिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहा जिसके बाद फॉर्मूला वन ने नस्लवाद के मुद्दे को संबोधित करने में अधिक इरादा दिखाया है.

इस खेल के सर्वकालिक महान चालकों में से एक हैमिल्टन फिलहाल ग्रिड में इकलौते अश्वेत चालक है. उन्होंने पिछले साल अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की दुखद हत्या के बाद घुटने के बल बैठ कर नस्लवाद के खिलाफ समर्थन नहीं जताने पर कुछ साथी चालकों पर नाराजगी भी जताई थी.

चंडोक ने कहा, “जाहिर है इसमें चालकों का कद सबसे बड़ा होता है और लुईस जैसा कोई व्यक्ति इस विषय के बारे में बहुत मुखर रहा है. वास्तविकता हालांकि यह है कि इस खेल को चलाने वाले इंजीनियरों, यांत्रिकी, वाणिज्यिक और विपणन से जुड़े लोगों, टेलीविजन विशेषज्ञों और पत्रकारों के अलावा मार्शल और अधिकारियों की तुलना में चालकों की संख्या बहुत कम है.”

उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत रूप से मैं चाहूंगा कि अधिक भारतीयों को इनमें से किसी भी भूमिका में खेल में काम करने का अवसर मिले.”

फॉर्मूला वन ने पिछले साल नस्लवाद और असमानता से निपटने के लिए ‘वी रेस ऐज वन (हम एक होकर रेस करते है)’ अभियान को शुरू किया था और चंडोक ने कहा कि खेल में पूरी तरह विविधता आने में काफी समय लगेगा.

उन्होंने कहा, “हमें यथार्थवादी होना होगा और यह महसूस करना होगा कि यह एक दीर्घकालिक पीढ़ीगत कार्यक्रम है. हम तुरंत बदलाव करने वाली प्रतिक्रिया नहीं दे सकते.”

उन्होंने कहा, “यहां योग्यता पर आधारित प्रक्रिया को शुरू करने की जरूरत है. विशेष रूप से विविध पृष्ठभूमि के बच्चों को फॉर्मूला वन और मोटर रेसिंग को लेकर शिक्षित करने की जरूरत है. उन्हें यह बताना होगा कि यह शानदार और दिलचस्प खेल है जिससे वो प्रेरित महसूस कर सकें.”

नोट: ये स्टोरी पीटीआई द्वारा प्रकाशित की गई थी.

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