AB De Villiers क्रिकेट के बाद अब भारत में गरीब बच्चों के लिए करने जा रहे हैं ये नेक काम-Check OUT

AB De Villiers क्रिकेट से दूर हो चुके हैं, लेकिन अब वह वंचित बच्चों के लिए एक प्रमुख भारतीय एनजीओ, के साथ…

AB De Villiers क्रिकेट के बाद अब भारत में गरीब बच्चों के लिए करने जा रहे हैं ये नेक काम-Check OUT
AB De Villiers क्रिकेट के बाद अब भारत में गरीब बच्चों के लिए करने जा रहे हैं ये नेक काम-Check OUT

AB De Villiers क्रिकेट से दूर हो चुके हैं, लेकिन अब वह वंचित बच्चों के लिए एक प्रमुख भारतीय एनजीओ, के साथ मिलकर वंचित बच्चों की सहायता करेंगे। एबी डिविलियर्स ने तीनों क्रिकेट प्रारूपों में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी की है और वह आईपीएल (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए भी खेले हैं। उन्होंने मेक अ डिफरेंस (एमएडी) नाम के एक एनजीओ के लिए अपना समय स्वेच्छा से देने के लिए करार किया है। यह एनजीओ भारत में देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाले बच्चों के साथ काम कर रहा है और 10 साल की उम्र से 28 साल की उम्र तक बच्चों के साथ काम करने और स्थिर आय स्तरों के साथ जीवन यापन करने के मॉडल को विकसित करने में लगा है। खेल की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहिए- hindi.insidesport.in 

एसोसिएशन पर बात करते हुए, एबी डिविलियर्स ने कहा, “भारत वर्षों से मेरे लिए अविश्वसनीय रूप से दयालु रहा है और मैं हमेशा कुछ वापस देने के तरीकों की तलाश में रहता हूं। मैं एमएडी के साथ जुड़कर खुश हूं और टीम द्वारा समर्थित दो युवाओं का मार्गदर्शन करूंगा। यह एनजीओ बेहद कठिन परिस्थितियों में पैदा हुए बच्चों को तब तक लगातार सहायता प्रदान करता है जब तक कि वे गरीबी के चक्र को तोड़ नहीं देते। उनका काम अविश्वसनीय है।”

AB De Villiers क्रिकेट के बाद अब भारत में गरीब बच्चों के लिए करने जा रहे हैं ये नेक काम-Check OUT

अपनी इस सेवा के प्रारंभिक चरण के दौरान, एबी डिविलियर्स अगले छह महीनों में दो लाभार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। लखनऊ के 18 वर्षीय अयान, जिसने अभी-अभी स्कूल की पढ़ाई पूरी की है और अंडर-19 स्तर पर क्रिकेट खेलना चाहते हैं और वहीं दूसरी अनीता हैं, जो 21 साल की है और बैंगलोर में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है। वह एक दिन टीवी न्यूज एंकर बनना चाहती है।

मेक अ डिफरेंस अपने लाभार्थियों, भागीदारों और दाताओं के बीच प्यार से एमएडी जाना जाता है, भारत का अग्रणी संगठन है जो बच्चों की देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता के साथ काम कर रहा है।

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