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नींद की गोलियों का सहारा ले रहे थे AB de Villiers, किया खुलासा

नींद की गोलियों का सहारा ले रहे थे AB de Villiers, किया खुलासा

आधुनिक खेलों में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) इन दिनों काफी चर्चाएं हो रहीं हैं और विशेषज्ञ भी खिलाड़ियों की मेंटल हेल्थ को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। हाल ही में कुछ खिलाड़ियों ने अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर बात की हैं। बतौर एथलीट (Athletes) एक खिलाड़ी पर कितना प्रेशर होता है और […]

आधुनिक खेलों में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) इन दिनों काफी चर्चाएं हो रहीं हैं और विशेषज्ञ भी खिलाड़ियों की मेंटल हेल्थ को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। हाल ही में कुछ खिलाड़ियों ने अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर बात की हैं। बतौर एथलीट (Athletes) एक खिलाड़ी पर कितना प्रेशर होता है और उसको संभालने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए यह एक गहन मुद्दा है। हाल ही में मिस्टर 360 (Mr. 360) एबी डिविलियर्स (AB De Villiers) ने अपने ऐसे ही कुछ अनुभवों को साझा किया है। पूर्व साउथ अफ्रीकन खिलाड़ी डीविलिएर्स ने बताया कि किस तरह से एंग्जाइटी के दौर से गुजरे और उन्हें सोने के लिए भी नींद की गोलियों का सहारा लेना पड़ा था। ऑस्ट्रेलयिन खिलाड़ी (Australian Cricketer) स्मिथ (Steve Smith) ने भी इससे पहले मेंटल हेल्थ के बारे में बात की थी। जिसके बाद डिविलयर्स की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

अपने यूट्यूब चैनल के जरिए साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर ने अपना अनुभव साझा करते हुए विश्व कप 2015 के एक मुकाबले का जिक्र किया। वेस्ट इंडीज के खिलाफ हुए इस मुकाबले में उन्होंने शतकीय पारी खेली थी, जो उनके करियर की शानदार पारियों में से एक मानी जाती है। एबीडी ने बताया कि विश्व कप 2015 में सिडनी में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 66 गेंदों में 162 रनों की पारी खेलने से पहले वह रात भर सो हीं पा रहे थे, जिसके लिए उन्हें नींद की गोलियों का सहारा लेना पड़ा था। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले एंग्जायटी के चलते वह सिर्फ दो से तीन घंटे ही सोए थे।

हाल ही में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर स्टीव स्मिथ ने भी मेंटल हेल्थ को लेकर खुलकर बात की थी। इसी के बाद डिविलियर्स ने कहा कि “मैं इससे रिलेट कर सकता हूं। बड़े खेलों में अक्सर मेरे साथ यह समस्या रही है। असल में मुझे सोने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। नींद की गोलियों ने मुझे सोने में मदद की। नींद की गोलियां सिर्फ आपको सोने में सहायक नहीं है बल्कि आपको एंग्जायटी से भी रिलीफ देती हैं। “

AB de Villiers ने बताया कि किस तरह से Anxiety के दौर से गुजरे और उन्हें सोने के लिए भी नींद की गोलियों का सहारा लेना पड़ा था।

उन्होंने बताया कि इस विश्व कप 2015 में हुई घटना के बाद उन्हें चकित्सीय सलाह लेनी पड़ी थी। एबीडी ने कहा कि “मुझे 2015 विश्व कप का खेल अच्छी तरह याद है। यह हमारे वेस्ट इंडीज़ से खेलने से एक रात पहले की बात है। मैंने शतक बनाया जो आश्चर्यजनक था, मेरे जीवन की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक। लेकिन उस रात, मैं ज्यादा से ज्यादा दो से तीन घंटे सोया था।” डीवीलिर्स का कहना है कि इस बारे में खिलाड़ियों को विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए, जो वह अक्सर नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि “वह होटल के कमरे में अकेले समय का वक्ता था, मैं बस सोच रहा था कि मुझे कल यह दोबारा करना होगा, मुझे करना ही होगा, नींद की गोलिया आपकी आदत बन जाती हैं, ऐसे में आप तब भी गोलियों लेने लगते हैं जब आपको इनकी जरुर नहीं होती है, यह काफी खतरनाक है। मैं खुशनसीब हूं कि मैंने काफी सालों पहले ही इसे कंट्रोल कर लिया।”

उन्होंने कहा कि “ऐसे समय में आपको किसी से बात करने की जरुरत होती है, किसी न किसी इस बारे में कम्युनिकेट करें। मैं भी अपने कोच और कप्तान को कमजोरी नहीं दिखाना चाहता था। लेकिन बात करना बेहद जरुरी है।”

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