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Asian Wrestling Championship: एशियाई चैंपियनशिप में रवि दहिया ने लगाई गोल्ड मैडल की हैट्रिक, बजरंग और गौरव ने जीता सिल्वर

Asian Wrestling Championship: एशियाई चैंपियनशिप में रवि दहिया ने लगाई गोल्ड मैडल की हैट्रिक, बजरंग और गौरव ने जीता सिल्वर

Asian Wrestling Championship: भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championship) में जमकर पसीना बहाया और इसका फल भी मिला। भारत के लिए फ्रीस्टाइल में ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया (Ravi Dahiya) ने 57 किग्रा में गोल्ड अपने नाम किया, बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) ने 65 किग्रा में रजत पदक और गौरव बलियान […]

Asian Wrestling Championship: भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championship) में जमकर पसीना बहाया और इसका फल भी मिला। भारत के लिए फ्रीस्टाइल में ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया (Ravi Dahiya) ने 57 किग्रा में गोल्ड अपने नाम किया, बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) ने 65 किग्रा में रजत पदक और गौरव बलियान (Gaurav Balyan) ने 79 किग्रा में रजत पदक जीता। वहीं नवीन (70 किग्रा) और सत्यवर्त (97 किग्रा) में कांस्य पदक अपने नाम किया है। खेल की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहिए- hindi.insidesport.in

सोनीपत के नहरी गांव के रहने वाले ओलंपिक रजत पदक विजेता रवि ने एक बार फिर अपनी शारीरिक क्षमता और रणनीतिक श्रेष्ठता का परिचय देते हुए पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में पहले जापान के रिकुतो अराई को हराया और बाद में मंगोलिया के ज़ानाबाजार जंदनबुड पर 12-5 से शानदार जीत दर्ज की। मंगोलिया के पहलवान से एक समय रवि 0-4 से पीछे चल रहे थे, लेकिन एक बार फिर उन्होंने अपने रणनीति से खुद को साबित किया और जीत दर्ज़ की।

खिताबी भिड़ंत में कलजान ‘टेक डाउन’ से आगे हो गये थे और काफी समय तक उन्होंने भारतीय पहलवान को कोई अंक नहीं लेने दिया। लेकिन अपनी शैली के अनुरूप रवि ने तकनीकी श्रेष्ठता की बदौलत मुकाबले पर दबदबा बनाना शुरू कर किया। उन्होंने छह लगातार ‘टू-प्वाइंटर’ हासिल किये और इस दौरान खुद को अटैक से भी बचाया जिससे यह मुकाबला दूसरे पीरियड के शुरू में ही खत्म हो गया और भारत ने इस साल टूर्नामेंट का पहला स्वर्ण पदक जीत लिया।

वहीं टोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया को फाइनल तक पहुंचने में कोई ख़ास दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने उज्बेकिस्तान के अपने प्रतिद्वंदी को हराकर आसानी से फाइनल में प्रवेश कर लिया। लेकिन फाइनल में ईरानी पहलवान के सामने बजरंग उस रंग में नज़र नहीं आए।

दूसरी ओर गौरव ने 79 किग्रा वर्गमें अपनी फुर्ती और ताकत से कमाल का प्रदर्शन मैट पर दिखाया, उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के गुरबनमायरत ओवेजबर्डियेव को केवल 28 सेकेंड में धूल चटा दी थी। वहीं सेमीफाइनल में किर्गिस्तान के अपने प्रतिद्वंदी को भी एक शानदार मुक़ाबले में 8-5 से मात दी। लेकिन फाइनल में गौरव को भी हार का सामना करना पडा और रजत पदक से ही संतोष करना पडा।

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