Tokyo Olympic Games: ‘ओलंपिक पदक जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी’, Kamalpreet Kaur ने अपने पिता से कहा

Tokyo Olympic Games: ‘ओलंपिक पदक जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी’, Kamalpreet Kaur ने अपने पिता से कहा – टोक्यो ओलंपिक (Tokyo…

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Tokyo Olympic Games: Kamalpreet Kaur ने अपने पिता से कहा, 'ओलंपिक पदक जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी' - Kamalpreet Kaur's Father

Tokyo Olympic Games: ‘ओलंपिक पदक जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी’, Kamalpreet Kaur ने अपने पिता से कहा – टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) में शानदार प्रदर्शन की बदौलत दूसरे स्थान से चक्का फेंक फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने वाली कमलप्रीत कौर ने अपने पिता कुलदीप सिंह (Kamalpreet Kaur’s Father) को कहा कि वह पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करेंगी।

कौर के पिता कुलदीप सिंह (Kamalpreet Kaur’s Father) ने कहा, “मैंने आज उससे बात की और वह बहुत खुश थी। उसने मुझे कहा कि वह फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ करेगी।”

उनके पिता ने कहा, “उसका फोकस हमेशा अपने खेल पर रहा है और उसने अपनी कड़ी मेहनत से ओलंपिक में भाग लेने के अपने सपने को साकार किया।”

पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने फाइनल्स में पहुंचने के लिए कौर को बधाई दी।

उन्होंने ट्वीट किया, “कमलप्रीत कौर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने के लिए बधाई हो। हमें तुम पर गर्व है। इसी लय को जारी रखना, मुझे भरोसा है कि तुम ओलंपिक खेलों में शानदार प्रयत्न से पदक जीतेगी।”

रेलवे की कर्मचारी कौर (Kamalpreet Kaur) इस साल शानदार फॉर्म में रही हैं, उन्होंने मार्च में फेडरेशन कप में 65.06 मीटर चक्का फेंक कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था और वह 65 मीटर चक्का फेंकने वाली पहली भारतीय महिला बन गई थी।

Tokyo Olympic Games: ‘ओलंपिक पदक जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी’, Kamalpreet Kaur ने अपने पिता से कहा

जून में उन्होंने इंडियन ग्रां प्री 4 में 66.59 मीटर के थ्रो से अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड सुधारा और दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी बनी।

परिवार की आर्थिक समस्याओं और अपनी मां के विरोध के कारण वह शुरू में एथलेटिक्स में नहीं आना चाहती थी लेकिन अपने किसान पिता कुलदीप सिंह (Kamalpreet Kaur’s Father) के सहयोग से उन्होंने इसमें खेलना शुरू किया।

शुरू में उन्होंने गोला फेंक खेलना शुरू किया लेकिन बाद में बादल में SAI केंद्र में जुड़ने के बाद चक्का फेंकना शुरू किया।

बादल में कौर के स्कूल की खेल शिक्षिका ने एथलेटिक्स से रूबरू कराया जिसके बाद वह 2011-12 में क्षेत्रीय और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगी। लेकिन उन्होंने फैसला किया कि वह अपने पिता पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं डालेंगी जिन पर संयुक्त परिवार की जिम्मेदारी थी।

उन्होंने 2013 में अंडर-18 राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और दूसरे स्थान पर रहीं। 2014 में बादल में SAI केंद्र से जुड़ी और अगले साल राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन बन गईं।

साल 2016 में उन्होंने अपना पहला सीनियर राष्ट्रीय खिताब जीता। अगले तीन सालों तक वह सीनियर राष्ट्रीय खिताब जीतती रहीं। लेकिन इस साल एनआईएस पटियाला में आने के बाद वह सुर्खियों में आई।

नोट – भाषा

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