Tokyo Olympics: Deepika Kumari ने कहा, ‘क्वारंटाइन में टीम में बनी एकजुटता से भारत को अंतिम क्वालीफायर में होगा फायदा’

Tokyo Olympics: Deepika Kumari ने कहा, ‘क्वारंटाइन में टीम में बनी एकजुटता से भारत को अंतिम क्वालीफायर में होगा फायदा’- भारत की…

'क्वारंटाइन में टीम में बनी एकजुटता से भारत को अंतिम क्वालीफायर में होगा फायदा'
'क्वारंटाइन में टीम में बनी एकजुटता से भारत को अंतिम क्वालीफायर में होगा फायदा'

Tokyo Olympics: Deepika Kumari ने कहा, ‘क्वारंटाइन में टीम में बनी एकजुटता से भारत को अंतिम क्वालीफायर में होगा फायदा’- भारत की टॉप तीरंदाज दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) का मानना है कि पेरिस में 10 दिन के क्वारंटाइन के दौरान टीम के बीच आपसी समझ मजबूत हुई है जिसका टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के लिए रविवार से शुरू होने वाले अंतिम क्वालीफायर में मदद मिलेगी.

विश्व में तीसरे नंबर की तीरंदाज दीपिका पहले ही व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी है लेकिन इस बार उनके सामने अलग तरह की चुनौती है.

सबसे सीनियर तीरंदाज होने के कारण उन्हें अपनी टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना होगा. टीम में कोमालिका बारी (Komalika Bari) और अंकिता भकत (Ankita Bhakat) जैसी युवा खिलाड़ी शामिल हैं.

दीपिका ने अंतिम क्वालीफायर से पूर्व पेरिस से कहा, “आम तौर पर मैं अलग रहती हूं और जूनियर के साथ घुलने मिलने के लिए समय निकालती हूं लेकिन विची में क्वारंटाइन के दौरान हमने अभ्यास के बाद कई घंटे साथ में बिताए.”

उन्होंने कहा, “टीम गेम में पारदर्शिता होनी चाहिए और मुझे लगता है कि इससे (क्वारंटाइन) हमें काफी मदद मिल रही है. मैं टीम के बीच तालमेल से खुश हूं. अब हम एक दूसरे को अच्छी तरह से समझते हैं.”

दीपिका ने कहा, “टीम की सबसे सीनियर सदस्य होने के कारण मेरी प्राथमिकता हर समय आत्मविश्वास में रहना है ताकि इससे मेरी साथियों का भी हौसला बढ़े. अच्छा प्रदर्शन करना है और करवाना भी है. यह मेरा काम है.”

महिला टीम ने पुरुषों और कंपाउंड टीमों से पहले चेक इन किया और विची में एक बायो-सिक्योर बबल में प्रवेश किया, जो पेरिस में स्टेड चार्लेटी से लगभग 400 किमी दूर है. उन्हें अभ्यास करने की अनुमति दी गई.

हाल ही में 27 वर्ष की हुई दीपिका ने कहा, “यह उनका पहली बार है और उनके लिए घबराहट होना स्वाभाविक है. मैं नहीं चाहता कि मेरी टीम एक खराब दौर के बाद चूके. मेरी भूमिका हमेशा उन्हें आगे बढ़ाने और उन्हें एक जोन में ले के जाने की होगी ताकि वो योग्यता के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें.”

दीपिका, लैशराम बोम्बायला देवी और कोमलिका की भारतीय महिला रिकर्व टीम दो साल पहले नीदरलैंड के डेन बॉश में विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में निचली रैंकिंग वाली बेलारूस टीम के खिलाफ 2-6 से हार कर टोक्यो 2020 कोटा की दौड़ से बाहर हो गई थी.

नोट – भाषा

ये भी पढ़ें – Tokyo Olympics: SAI ने Neeraj Chopra, Vinesh Phogat को यूरोप में अभ्यास जारी रखने की अनुमति दी

Share This: