CWG 2022 LIVE: मुरली श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीतकर रच दिया इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई-check OUT

CWG 2022 LIVE: भारत के मुरली श्रीशंकर (Murali Shreeshankar) ने गुरुवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games 2022) की एथलेटिक्स प्रतियोगिता की…

CWG 2022 LIVE: मुरली श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीतकर रच दिया इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई-check OUT
CWG 2022 LIVE: मुरली श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीतकर रच दिया इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई-check OUT

CWG 2022 LIVE: भारत के मुरली श्रीशंकर (Murali Shreeshankar) ने गुरुवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games 2022) की एथलेटिक्स प्रतियोगिता की पुरुष लंबी कूद (CWG 2022 Medals) स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा लेकिन मोहम्मद अनीस याहिया पांचवें स्थान पर रहे। श्रीशंकर राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष लंबी कूद स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। CWG 2022 की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहिए- hindi.insidesport.in

CWG 2022 LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीशंकर को पदक जीतने बाद बधाई भी दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “एम श्रीशंकर का राष्ट्रमंडल खेलों में जीता गया रजत पदक विशेष है। भारत ने दशकों बाद राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की लंबी कूद में पदक जीता। उनका प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के लिए अच्छा है। उनको बधाई। उम्मीद है कि वह भविष्य में भी ऐसा प्रदर्शन जारी रखेंगे।’’

स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार श्रीशंकर ने अपने पांचवें प्रयास में 8.08 मीटर की दूरी के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्वर्ण पदक जीतने वाले बहामास के लेकुआन नेर्न ने भी अपनी दूसरी कोशिश में 8.08 मीटर का ही सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। लेकुआन का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास हालांकि 7.98 मीटर का रहा जो श्रीशंकर के 7.84 मीटर के दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रयास से बेहतर रहा जिसके कारण उन्हें विजेता घोषित किया गया। साथ ही लेकुआन ने अपने दूसरे प्रयास में यह दूरी हासिल की और उन्हें हवा से कम सहायता मिली। श्रीशंकर के प्रयास के समय हवा की गति प्लस 1.5 मीटर प्रति सेकेंड जबकि नेर्न के प्रयास के समय माइनस 0.1 मीटर प्रति सेकेंड थी।

दक्षिण अफ्रीका के योवान वान वुरेन ने 8.06 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। श्रीशंकर और याहिया दोनों क्रमश: 8.36 मीटर और 8.15 मीटर के अपने निजी और सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी पीछे रहे। अगर ये दोनों अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करते तो भारत को स्वर्ण और रजत पदक मिल सकते थे।श्रीशंकर क्वालीफाइंग दौर में एकमात्र खिलाड़ी थे जिन्होंने 8.05 मीटर के साथ आठ मीटर का स्वत: क्वालीफाइंग स्तर हासिल किया था।

श्रीशंकर और याहिया छह प्रयास के फाइनल में तीन प्रयास के बाद क्रमश: छठे और आठवें स्थान पर चल रहे थे। बारह खिलाड़ियों के फाइनल में तीन प्रयास के बाद शीर्ष आठ खिलाड़ियों को ही अगले तीन प्रयास करने की स्वीकृति होती है।

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