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ENG W vs IND W- स्नेह राणा: किसान की बेटी जिसने इंग्लैंड के ब्रिस्टल में रच दिया इतिहास

ENG W vs IND W- स्नेह राणा: किसान की बेटी जिसने इंग्लैंड के ब्रिस्टल में रच दिया इतिहास

ENG W vs IND W- स्नेह राणा: किसान की बेटी जिसने इंग्लैंड के ब्रिस्टल में रच दिया इतिहास
ENG W vs IND W- स्नेह राणा: किसान की बेटी जिसने इंग्लैंड के ब्रिस्टल में रच दिया इतिहास- भारतीय महिला टीम और इंग्लैंड के बीच खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच ड्रॉ रहा। मैच में ऑलराउंडर स्नेह राणा ने कमाल का प्रदर्शन किया। अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहीं राणा ने नाबाद 80 रनों की पारी […]

ENG W vs IND W- स्नेह राणा: किसान की बेटी जिसने इंग्लैंड के ब्रिस्टल में रच दिया इतिहास- भारतीय महिला टीम और इंग्लैंड के बीच खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच ड्रॉ रहा। मैच में ऑलराउंडर स्नेह राणा ने कमाल का प्रदर्शन किया। अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहीं राणा ने नाबाद 80 रनों की पारी खेली साथ ही वह पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट में अर्धशतक के साथ 4 विकेट झटके। वो ऐसा करने वाली विश्व की चौथी महिला खिलाड़ी हैं।

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ENG W vs IND W- उनकी बड़ी बहन रुचि ने कहा, “पापा के निधन के बाद वह बहुत परेशान थी, लेकिन उसने अभ्यास नहीं छोड़ा। वह पिता के निधन से काफी आहत थी, लेकिन उसने अपनी कोशिश जारी रखी।”

स्नेह (Sneh Rana) ने पांच साल बाद क्रिकेट के सभी प्रारूपों में वापसी की है। स्नेह का सफर नौ साल की उम्र में लिटिल मास्टर्स क्रिकेट अकादमी में शुरू हुआ था। उन्हें सिनौला में एक छोटे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद अकादमी में चुना गया था। “वह हमारे सामने खेलने में बहुत शर्मा रही थी। हमारी अकादमी के कोच किरण साह ने उन्हें बल्लेबाजी के लिए राजी किया। वह असाधारण थी।” कोच नरेंद्र साह ने कहा।

(Sneh Rana)- उन्होंने आगे कहा, “स्नेह ने अपने दमदार प्रदर्शन के माध्यम से अपने पिता को श्रद्धांजलि दी है जो संयोग से फादर्स डे से ठीक एक दिन पहले आया है। यह हम सभी के लिए बेहद गर्व का क्षण है और स्नेह के दशक भर के समर्पण और कड़ी मेहनत का इनाम है। वह नौ साल की उम्र में कोचिंग के लिए हमारे पास आई थी।”

(Sneh Rana)- यह याद करते हुए कि स्नेह को कैसे एक ऑलराउंडर के रूप में ढाला गया, उन्होंने कहा, “हमारी अकादमी में लड़कियों को बड़े लड़कों की तेज गेंदबाजी का सामना करने के लिए कहा जाता है और यही कारण है कि उन्हें अपने क्रिकेट कौशल के विभिन्न पहलुओं को सुधारने का मौका मिलता है।”

स्नेह रेलवे के लिए चुने जाने से पहले अंडर-19 और सीनियर स्तर पर हरियाणा और पंजाब के लिए खेल चुकी हैं। उन्होंने 2014 में भारत के लिए पदार्पण किया था।

स्नेह के लिए भारतीय टीम की राह आसान नहीं रही है। घुटने की चोट और खराब प्रदर्शन की वजह से उन्हें चयनकर्ताओं ने टीम में जगह नहीं दी थी। 2014 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।

कोच ने कहा- हालांकि स्नेह ने उम्मीद नहीं खोई। वापसी करने के लिए उनका दृढ़ संकल्प काम आया। “वह घुटने की चोट से उबर रही थी और मैंने उसे यू मुंबा कबड्डी टीम के फिजियो से मिलाया। वह धीरे-धीरे ठीक हो गई और अपने खेल पर काम करना शुरू कर दिया।

मैंने टेस्ट के दौरान लगभग हर दिन उससे बात की और उसे खुद को एक बल्लेबाज के रूप में साबित करने के लिए प्रोत्साहित किया।”  स्नेह ने इस साल की शुरुआत में 50 ओवर के प्रारूप में अपने घरेलू प्रदर्शन के दम पर टीम में वापसी की।

“वह एक लीडर के रूप में बहुत अच्छी हैं और कठिन परिस्थितियों में कभी नहीं घबराती हैं। वह खेल को बहुत अच्छी तरह से  समझती हैं” रेलवे की टीम की साथी शुभ लक्ष्मी शर्मा ने कहा।

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