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Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए इंजीनियरिंग और घर छोड़ा… करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर- Check Out

Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए इंजीनियरिंग और घर छोड़ा… करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर- Check Out

Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए इंजीनियरिंग छोड़ी, घर भी छोड़ा… करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर- Check Out
Shahbaz Ahmed: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) का एक ऐसा नाम जो अपने आप में ही एक मिसाल है। अपने जुनून के लिए पिता के सपने को और घर तक छोड़ने वाले टीम इंडिया (Team India) के तेज गेंदबाज का शाहबाज अहमद (Shahbaz Ahmed) का क्रिकेट करियर आसान नहीं रहा। इस दौरान उन्होंने कई […]

Shahbaz Ahmed: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) का एक ऐसा नाम जो अपने आप में ही एक मिसाल है। अपने जुनून के लिए पिता के सपने को और घर तक छोड़ने वाले टीम इंडिया (Team India) के तेज गेंदबाज का शाहबाज अहमद (Shahbaz Ahmed) का क्रिकेट करियर आसान नहीं रहा। इस दौरान उन्होंने कई कठिन उतार-चढ़ाव देखे हैं, आईपीएल (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलना और फिर साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की तरफ से डेब्यू (Shahbaz ahmed Debut) कर अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित करना शाहबाज के लिए यहां तक का सफर आसान नहीं रहा। खेल जगत से जुड़ी हर खबर के लिए Hindi.InsideSport.In के साथ जुड़े रहिए।

क्रिकेट के प्रति उनका जुनून काबिले तारीफ है। उनके त्याग और परिश्रम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्रिकेट में करियर बनाने के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। अपने जिंदगी के सफर में उन्होंने क्रिकेट के लिए हरियाणा से बंगाल का रुख कर लिया। हरियाणा के नूंह से आने वाले इस ऑलराउंडर को उनके खून में क्रिकेट का हुनर मिला, उनके दादा का शौक भी क्रिकेट खेलने का ही था लेकिन मूलभूत सुविधाओं के कारण उनका ये शौक कभी पूरा नहीं हुआ। लेकिन दादा का सपना भले पूरा ना हो सका लेकिन पोते ने उनका ये सपना पूरा कर दिखाया है।

हरियाणा से बंगाल का सफर किया तय

शाहबाज महज 4 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं। उनके पिता हरियाणा में एसडीएम के रीडर हैं शाहबाज के पिता चाहते थे कि वो इंजीनियर बने लेकिन उनके दिलों दिमाग पर तो क्रिकेट सवार था। फिर क्या निकल पड़े हरियाणा से बंगाल की ओर अपने सपने को पूरा करने, इस दौरान वो तपन मेमोरियल क्लब से जुड़े और पहले मैच के बाद ही उन्हें ये कहते हुए बैन कर दिया कि वो बाहरी हैं। फिलहाल मामला क्रिकेट एसोसिएश ऑफ बंगाल तक पहुंचा और जांच के बाद उन्हें खेलने की अनुमति मिल गई।

Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए  इंजीनियरिंग छोड़ी, घर भी छोड़ा... करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर- Check Out
Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए इंजीनियरिंग छोड़ी, घर भी छोड़ा… करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर

पिता चाहते थे पूरी हो पढ़ाई

शाहबाज के पिता अहमद जान इंडियन एक्सप्रेस को बताते हैं कि, किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार की तरह हमें क्रिकेट देखना बहुत पसंद है, दरअसल, मैं कॉलेज तक खेल चुका हूं, लेकिन शिक्षा हमेशा से हमारी प्राथमिकता रही है। मेरे पिता, मोहम्मद इशाक एक प्रधानाध्यापक थे, मैं एक सरकारी कर्मचारी हूँ, मेरा छोटा भाई एक शिक्षक है, और मेरी बेटी एक डॉक्टर है। शाहबाज भी मेधावी छात्र रहा है, उसने दसवीं कक्षा में 80% और बारहवीं में 88% अंक प्राप्त किए। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह क्रिकेट खेलने के लिए पढ़ाई छोड़ देगा। कोई बाप नहीं चाहेगा की उसका बेटा पढाई छोड़ के क्रिकेट खेले। (कोई भी पिता नहीं चाहेगा कि उसका बेटा शिक्षा की कीमत पर क्रिकेट खेले।)

वहीं शाहबाज की मां कहती हैं, “ये (शाहबाज के पिता) अभी तक 2015 में ही हैं। मैं भी चाहती था बीटेक पूरा करे, अच्छी जॉब ले, मगर आपको अपने बच्चों की भी तो बातें सुन लेनी चाहिए की वो क्या करना चाहता है।”

कॉलेज बंक करके लेते थे प्रशिक्षण

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Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए इंजीनियरिंग छोड़ी, घर भी छोड़ा… करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर

बता दें कि, शाहबाज के माता-पित ने बताया कि, वो उस दिन को नहीं भूल सकते जब उन्हें शाहबाज के कॉलेज से एक पत्र मिला कि वह महीनों से अपनी क्लास अटेंड नहीं कर रहा है। चिंतित माता-पिता उससे मिलने गुड़गांव गए, लेकिन वह वहां नहीं था, क्योंकि वह क्रिकेट खेलने गया था। वे कॉलेज गए और फिर पता चला कि वह क्लास बंक कर रहा है।
उनके पिता आगे बताते हैं, “यह पहली बार था जब हमें पता चला कि उसे क्रिकेट खेलना पसंद है। वास्तव में, वो उस समय दो सालों से हरियाणा अंडर -19 शिविर में भी भाग ले रहा था।”

शाहबाज को मिला था अल्टीमेटम

उनकी मां कहती हैं, “वह कुछ बड़ा करने के लिए दृढ़ था। यहां तक ​​कि उनके कॉलेज के प्रोफेसरों ने भी उन्हें बताया कि यह एक गलती थी क्योंकि वह एक अच्छे छात्र थे। शाहबाज ने अपने विभागाध्यक्ष से कहा कि ‘एक दिन तुम मुझे मेरी डिग्री दोगे और मेरा अभिनंदन भी करोगे।’ और पिछले साल ऐसा ही हुआ था” बंगाल में क्रिकेट की दुनिया में आने और नाम कमाते हुए संघर्ष के दिनों में शाहबाज को उनके पिता ने अल्टीमेटम दिया था कि जब कुछ बन जाओगे तो ही घर आना। पिता के इस अल्टीमेटम को उन्होंने पूरा किया।

आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन

Shahbaz Ahmed: क्रिकेट के जुनून के लिए  इंजीनियरिंग छोड़ी, घर भी छोड़ा... करियर खत्म करने के लिए पिता ने दिया अल्टीमेटम, ऐसा रहा शाहबाज अहमद का सफर- Check Out
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बता दें कि घरेलू मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्हें रणजी टीम में चुना गया और उसके बाद उनका चयन इंडिया ए टीम में हुआ। ये सफर यूं ही चलता रहा और फिर साल 2020 में उन्हें आईपीएल में खेलने का मौका मिला। आईपीएल में उन्हें आरसीबी की टीम ने 20 लाख रुपये में खरीदा, और इस दौरान उन्हें सिर्फ दो मैचों में ही मौका मिला। जिसमें उन्होंने 1 रन बनाया और दो विकेट अपने नाम करे। लेकिन साल 2021 में उन्होंने आरसीबी की तरफ से 11 मैचों में 59 रन बनाए जबकि 7 विकेट भी झटके। शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें फिर आईपीएल 2022 में आरसीबी ने 2.40 करोड़ में अपनी टीम में फिर से शामिल किया। इस दौरान उन्होंने 16 मैचों में 219 रन बनाए और 4 विकेट भी लिए।

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