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आखिर कब तक Sanju Samson को झेलनी होगी कप्तान की नजरअंदाजगी?

आखिर कब तक Sanju Samson को झेलनी होगी कप्तान की नजरअंदाजगी?

भारत बनाम वेस्ट इंडीज वनडे मैचों की सीरीज (IND vs WI) से प्रशंसकों ने संजू सैमसन (Sanju Samson) की जोरदार वापसी की उम्मीद जताई थी। वहीं, सीरीज (IND vs WI ODI series) शुरु होने से पहले तक सैमसन की तैयारियों में भी पूरी जान के साथ जुटे थे। लेकिन एक बार फिर सैमसन को नजरअंदाजगी […]

भारत बनाम वेस्ट इंडीज वनडे मैचों की सीरीज (IND vs WI) से प्रशंसकों ने संजू सैमसन (Sanju Samson) की जोरदार वापसी की उम्मीद जताई थी। वहीं, सीरीज (IND vs WI ODI series) शुरु होने से पहले तक सैमसन की तैयारियों में भी पूरी जान के साथ जुटे थे। लेकिन एक बार फिर सैमसन को नजरअंदाजगी का सामना करना पड़ा। कैरेबियाई टीम के खिलाफ पहले मैच में ही भारतीय टीम (Team India) के कप्तान (Rohit Sharma) ने सैमसन पर भरोसा नहीं जताया। प्लेइंग में उन्हें दोबारा नजर अंदाज किया गया। कप्तान की इस नजरअंदाजगी के पीछे की वजह फैंस जरुर जानना चाहेंगे।

ब्रिजटाउन में खेले गए पहले वनडे मैच में भारत ने पांच विकेट से जीत दर्ज कर ली। विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की जगह एक बार फिर ईशान किशन को प्राथमिकता दी गई। हालांकि, ईशान से कप्तान ने इस मैच में ओपनिंग कराई और उन्होंने खुद को बखूबी साबित भी किया और 52 रन बनाकर अर्धशतक जमाया। लेकिन प्रशंसकों को अब सैमसन के साथ यह खिलवाड़ होता नजर आ रहा है। सैमसन को इस परिस्थिति में भी मौका नहीं दिया जा रहा है, जबकि सूर्य कुमार यादव जैसे बल्लेबाज टीम को निराश करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हों। सूर्यकुमार का फ्लॉप शो इस ओडीआई में जारी रहा। उन्होंने मात्र 19 रन बनाए और पवेलियन लौट गए।

संजू सैमसन ने भारत के लिए अपना आखिरी ओडीआई मुकाबला नवंबर 2022 में खेला था। सैमसन ने अपना डेब्यू साल 2015 में किया था। लेकिन इन आठ सालों में उन्हें सिर्फ 11 एक दिवसीय मैचों में ही मौका दिया गया है। इस बीच सैमसन ने 330 रन बनाए हैं, जिसमें उन्होंने 86 रनों की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली है। वहीं, सूर्यकुमार यादव ने साल 2021 में वनडे में डेब्यू किया था। अभी तक उन्होंने 24 मुकाबलों में मात्र 452 रन बनाए हैं। विकेटकपर बल्लेबाज ईशान किशन की बात करें तो उन्होंने 15 एकदिवसीय मुकाबलों में 562 रन बनाए हैं।

सैमसन के नाम है यह भद्दा रिकार्ड

संजू सैमसन के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब उन्हें स्क्वाड में तो शामिल किया गया, लेकिन प्लेइंग 11 में जगह नहीं दी गई। इससे भी ज्यादा बड़ी बात तो यह है कि सैमसन को स्क्वाड में दोबारा शामिल करने की योजना बनाने में भारतीय टीम प्रबंधन को काफी लंबा समय लगा है। प्रदर्शन करने के बावजूद सैमसन के नाम यह नकारात्मक रिकार्ड शामिल है। उनके नाम अपने दो मैचों के बीच सबसे ज्यादा मैच चूकने रिकार्ड है। उन्होंने टीम में एक मैच के बाद दूसरे मैच में नजर आने तक लगातार 220 मैच गंवाए हैं।

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