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‘गंभीर से लड़ाई नहीं होती तो KKR के लिए और खेलता’ मनोज तिवारी ने किया खुलासा

‘गंभीर से लड़ाई नहीं होती तो KKR के लिए और खेलता’ मनोज तिवारी ने किया खुलासा

मनोज तिवारी ने हाल ही में खुलासा किया है कि साल 2012 आईपीएल के दौरान गंभीर और उनकी ड्रेसिंग रुम में भी बड़ी लड़ाई हो गई थी।

Manoj Tiwari Retirement: भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने हाल ही में संन्यास की घोषणा कर दी। इसके बाद उन्होंने एक चौंकोन वाला खुलासा किया है। तिवारी ने बताया है कि आईपीएल में वह केकेआर के लिए और खेल सकते थे, अगर गंभीर और उनके बीच लड़ाई नहीं हुई होती।

कोलकाता नाइटराइडर्स ने पहली बार 2012 में अपना आईपीएल खिताब जीता था और मनोज तिवारी इस टीम का हिस्सा थे। चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ हुए फाइनल मैच में तिवारी ने ही विजयी चौका लगाकर जीत दिलाई थी। हाल ही में संन्यास की घोषणा करने वाले मनोज तिवारी ने केकेआर को छोड़ने के पीछे की वजह का खुलासा किया।

मनोज तिवारी और गौतम गंभीर के बीच चला विवाद काफी सुर्खियों में रहा था। हाल ही में तिवारी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “केकेआर में रहने के दौरान गंभीर के साथ मेरी बड़ी लड़ाई हुई थी। ड्रेसिंग रूम में खूब लड़ाई हुई। ये (मामला) कभी सामने नहीं आया। 2012 में केकेआर चैंपियन बनी थी। उस समय, मैं चौका मारने में कामयाब रहा, इसलिए टीम जीत गई। मुझे उनके लिए एक और साल खेलने का मौका मिला। अगर 2013 में गंभीर के साथ मेरी लड़ाई नहीं होती तो शायद मैं अगले दो-तीन साल तक खेलता। इसका मतलब है कि अनुबंध के अनुसार मुझे जो राशि मिलनी थी वह बढ़ गयी होती। बैंक बैलेंस मजबूत होता, लेकिन मैंने इसके बारे में कभी नहीं सोचा।”

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मनोज तिवारी ने आईपीएल में इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स का भी हिस्सा रहे। इस टीम में रहते हुए जो हुआ, उसका भी उन्होंने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि गैरी कर्स्टन के कोचिंग में दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग चुनने में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

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तिवारी ने कहा, “जब मैं दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलता था तो गैरी कर्स्टन कोच थे। एक के बाद एक मैच में मैं अपनी आंखों के सामने देख रहा था कि प्लेइंग11 अच्छी नहीं चल रही थी। कॉम्बिनेशन सही नहीं, योग्य क्रिकेटरों को खेलने का मौका नहीं मिल रहा था। कई लोग चोट लगने के कारण बाहर हो गए। टीम के नतीजे अच्छे नहीं रहे. मैं सीधे गया और कहा, अगर तुम नहीं खेल सकते तो मुझे छोड़ दो। तब मेरा कॉन्ट्रैक्ट 2.8 करोड़ रुपये था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि अगर मैंने ऐसा कहा तो वे मुझे गलत समझेंगे और मुझे छोड़ देंगे. मेरे नुकसान के बारे में कभी नहीं सोचा।”

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