Virat Kohli Mental Health: एशिया कप से पहले मानसिक स्वास्थ्य पर विराट कोहली का बयान, बोले- “लोगों से भरे कमरे में भी मैं अकेला महसूस करता हूं”

Virat Kohli Mental Health: लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म के बीच, भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने अपने…

Asia Cup 2022: मानसिक स्वास्थ्य पर विराट कोहली का बयान, बोले- "लोगों से भरे कमरे में भी मैं अकेला महसूस करता हूं"
Asia Cup 2022: मानसिक स्वास्थ्य पर विराट कोहली का बयान, बोले- "लोगों से भरे कमरे में भी मैं अकेला महसूस करता हूं"

Virat Kohli Mental Health: लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म के बीच, भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने अपने अंदर की कुछ कमियों पर खुल कर बात की है। ये 33 वर्षीय बल्लेबाज एक महीने के लंबे ब्रेक के बाद एशिया कप (Asia Cup 2022) से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International Cricket) में वापसी करेगा। वहीं लोगों को उम्मीद है कि कोहली 28 अगस्त को होने वाले भारत-पाकिस्तान (IND vs PAK) मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर देंगे। खेल की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहिए- hindi.insidesport.in 

विराट कोहली ने अपने मानसिक स्वास्थ्य और टॉप एथलीट होने के दबाव के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा, “किसी के आंतरिक मन में क्या चल रहा है ये जानना बेहद अहम है।” कोहली, जिन्होंने पिछले 9 महीनों में सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी, ने कहा, “अगर एक कमरे में मुझे प्यार और समर्थन देने वाले लोग होते हैं तो भी मैं कई बार अकेला महसूस करता हूं।”

Asia Cup 2022: मानसिक स्वास्थ्य पर विराट कोहली का बयान, बोले- "लोगों से भरे कमरे में भी मैं अकेला महसूस करता हूं"
Asia Cup 2022: मानसिक स्वास्थ्य पर विराट कोहली बोले- “लोगों से भरे कमरे में भी मैं अकेला महसूस करता हूं”

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बता दें कि, इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में कोहली ने कहा, “एक एथलीट के लिए, सबसे अहम आपका खेल होता है। खेल ही है जो आपको एक खिलाड़ी के रूप में सर्वश्रेष्ठ बनाता है। लेकिन साथ ही, आप जिस दबाव में लगातार हैं, वह आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। यह निश्चित रूप से एक गंभीर मुद्दा है, जितना हम हर समय मजबूत रहने की कोशिश करते हैं, उतना ही ये आपको सबसे अलग कर देता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप खेल से अपने कनेक्शन को खो देते हैं तो आपके आसपास की चीजें खत्म होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। आपको यह सीखने की जरूरत है कि अपने समय को कैसे बांटे ताकि एक संतुलन बना रहे। यह जीवन में किसी भी चीज़ की तरह अभ्यास करता है, लेकिन इसमें निवेश करने लायक कुछ है, यही एकमात्र तरीका है जिससे आप अपना काम करते हुए पवित्रता और आनंद की भावना महसूस कर सकते हैं।”

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