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Tokyo Olympics: शूटिंग, बॉक्सिंग और रेसलिंग में इन खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू कर सकती हैं कमाल

Tokyo Olympics: शूटिंग, बॉक्सिंग और रेसलिंग में इन खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू कर सकती हैं कमाल

Tokyo Olympics: शूटिंग, बॉक्सिंग और रेसलिंग में इन खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू कर सकती हैं कमाल
Tokyo Olympics: शूटिंग और रेसलिंग में इन खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद, वेटलिफ्टिंग में मिराबाई चानू कर सकती हैं कमाल– टोक्यो ओलंपिक 2020 को शुरू होने में महज दो हफ्ते बचे हैं और इसकी उलटी गिनती शुरू हो गई है. सभी आवश्यक कोविड -19 प्रोटोकॉल नियमों के साथ इसके 23 जुलाई से टोक्यो […]

Tokyo Olympics: शूटिंग और रेसलिंग में इन खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद, वेटलिफ्टिंग में मिराबाई चानू कर सकती हैं कमाल– टोक्यो ओलंपिक 2020 को शुरू होने में महज दो हफ्ते बचे हैं और इसकी उलटी गिनती शुरू हो गई है. सभी आवश्यक कोविड -19 प्रोटोकॉल नियमों के साथ इसके 23 जुलाई से टोक्यो में आयोजित होने की उम्मीद है. भारत के 126 खिलाड़ी इस महाकुंभ में अपना सब कुछ झोंकने के लिए तैयार हैं. भारत के करीब 70% खिलाड़ी पहली बार ओलंपिक (Tokyo Olympics) में शिरकत करेंगे. कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवाओं ने भी टोक्यो का टिकट हासिल किया है. पदार्पण करने वालों में सौरभ चौधरी, मनु भाकर, बजरंग पुनिया, नीरज चोपड़ा जैसे कुछ प्रमुख नाम और पदक के दावेदार शामिल हैं. वहीं हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जिनसे शूटिंग और रेसलिंग में पदक की पक्की उम्मीद है और कुछ ऐसे हैं जो बड़ा उलटफेर करने का माद्दा रखते हैं.

 

Tokyo Olympics: ये एथलीट होंगे पदक के लिए पसंदीदा

सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary)

भारत के कई दिग्गजों का मानना है कि 19 साल के सौरभ चौधरी से शूटिंग में काफी उम्मीदें है. वे टोक्यो में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए नजर आएंगे. मेरठ के सौरभ का आत्मविश्वास भी ओलंपिक में खेलने को लेकर काफी ऊंचा होगा. सौरभ 2021 विश्व रैंकिंग और टोक्यो 2020 रैंकिंग दोनों में दूसरे स्थान पर रहने वाले निशानेबाज के रूप में टोक्यो ओलंपिक में प्रवेश करेंगे.

 

Tokyo 2020- मनु भाकर (Manu Bhaker)

हरियाणा की युवा मनु भाकर (Manu Bhaker) से भी यही उम्मीद है कि वो पदक लेकर घर लौटेंगी. हाल में समाप्त हुए आईएसएसएफ विश्व कप में भाकर ने सौरभ चौधरी के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण जीता था, हालांकि वह 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सातवें स्थान पर रही थीं. भाकर को ओलंपिक में तीन स्पर्धाओं के लिये चुना गया है.19 वर्षीय ओलंपिक के एक संस्करण में तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में भाग लेने वाली केवल दूसरी भारतीय बन जाएगी. मनु भाकर ओलंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, मिक्स्ड 10 मीटर एयर पिस्टल और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में प्रतिस्पर्धा करती नजर आएंगी.

 

विनशे फोगाट (Vinesh Phogat), बजरंग पूनिया

यूं तो ओलंपिक में किसी भारतीय ने पहला व्यक्तिगत पदक कुश्ती में जीता था लेकिन इस खेल में देश को विश्व स्तर पर पहचान पिछले तीन ओलंपिक खेलों में मिली जिसे बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट जैसे पहलवान टोक्यो में नये मुकाम पर पहुंचाने की कोशिश करेंगे. भारत ने ओलंपिक में हॉकी के बाद सर्वाधिक पदक कुश्ती में जीते हैं. कुश्ती में अभी तक भारत ने एक रजत और चार कांस्य पदक सहित कुल पांच पदक हासिल किये हैं. इनमें सुशील कुमार का एक रजत और एक कांस्य पदक भी शामिल है.

Tokyo Olympics: India at Olympics- 

टोक्यो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत के सात पहलवान अपना दम ठोकेंगे. इनमें से सभी अपने वजन वर्ग में पदक के दावेदार हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे बजरंग पूनिया (पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा), विनेश फोगाट (महिला 53 किग्रा) और सोनम मलिक (महिला 62 किग्रा) को प्रबल दावेदार माना जा रहा है.

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विश्व और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू के पास आगामी टोक्यो खेलों में पदक जीतकर भारोत्तोलन में ओलंपिक पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी की उपलब्धि को दोहराने का सुनहरा मौका होगा.क्लीन एवं जर्क में विश्व रिकॉर्ड धारक मीराबाई 49 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करेंगी जहां वह पदक की प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। वह इस बार भारोत्तोलन में चुनौती पेश करने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं.

Amit Panghal ( अमित पंघाल)

अपने भार वर्ग में दुनिया के शीर्ष मुक्केबाज अमित पंघाल एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में मिली अप्रत्याशित हार से उबर चुके है और 23 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो ओलंपिक में वह स्वर्ण पदक जीतकर उस निराशा को दूर करना चाहते है. ओलंपिक में भारत की पदक उम्मीद पंघाल अन्य भारतीय मुक्केबाजों के साथ इटली के असिसि में अभ्यास कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा हाल ही में जारी की गयी रैंकिंग में पंघाल को 52 किग्रा के भार वर्ग में शीर्ष स्थान मिला है. वह हालांकि 2019 से ही एआईबीए (अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ) की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर हैं. विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया 8 अगस्त को समापन समारोह के लिए भारत के ध्वजवाहक होंगे.

मैरी काम (Mary Kom)

ओलंपिक मुक्केबाजी में भारत के नाम सिर्फ दो कांस्य पदक हैं जिसमें विजेंदर ने 2008 बीजिंग की मिडिलवेट 75 किग्रा स्पर्धा में देश को पहला पदक दिलाकर इतिहास रचा था और फिर छह बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम (Mary Kom) 2012 लंदन में पदक जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बनीं. मैरीकॉम (38 वर्ष) ने पिछले 20 वर्षों के करियर में विश्व चैम्पियनशिप में आठ पदक (छह स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य) अपने नाम किये हैं. मणिपुर की यह स्टार अपने अंतिम ओलंपिक में अपने पदक का रंग बदलने की कोशिश में होंगी जो 2016 रियो ओलंपिक में क्वालीफाई नहीं कर पायी थीं.

 

Tokyo Olympics: रवि कुमार दहिया,  दीपक पूनिया

बजरंग पूनिया (पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा), विनेश फोगाट (महिला 53 किग्रा) और सोनम मलिक (महिला 62 किग्रा) को प्रबल दावेदार माना जा रहा है. कुश्ती में इन तीनों के अलावा कुश्ती में जो अन्य भारतीय अपनी दावेदारी पेश करेंगे उनमें सीमा बिस्ला (महिला 50 किग्रा), अंशु मलिक (महिला 57 किग्रा), रवि कुमार दहिया (पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा) और दीपक पूनिया (पुरुष फ्रीस्टाइल, 84 किग्रा) शामिल हैं. 23 साल की उम्र में, रवि दहिया पहले से ही कई एशियाई चैंपियनशिप स्वर्ण पदक और एक विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक जीत चुके हैं. वहीं दीपक पूनिया ने 2019 में विश्व जूनियर चैंपियन बने थे जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा है और ओलंपिक में भारत के लिए इन दोनों के पदक जीतने की संभावना है.

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