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Tokyo 2020: अंतिम 16 में प्रवेश करने के बाद Deepika Kumari ने कहा, ओलंपिक पदक जीतना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा

Tokyo 2020: अंतिम 16 में प्रवेश करने के बाद Deepika Kumari ने कहा, ओलंपिक पदक जीतना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा

Tokyo 2020: Deepika Kumari ने कहा, ओलंपिक पदक जीतना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा – Olympic Games – Tokyo Olympics
Tokyo 2020: अंतिम 16 में प्रवेश करने के बाद Deepika Kumari ने कहा, ओलंपिक पदक जीतना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा – दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) का कहना है कि टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में सफलता मिलना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा और उन्होंने […]

Tokyo 2020: अंतिम 16 में प्रवेश करने के बाद Deepika Kumari ने कहा, ओलंपिक पदक जीतना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा – दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) का कहना है कि टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में सफलता मिलना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा और उन्होंने स्वीकार किया कि वह उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए नर्वस महसूस कर रही हैं।

हवा के बावजूद दीपिका (Deepika Kumari) ने बुधवार को कुछ परेशानियों से उबरते हुए अमेरिका की युवा तीरंदाज जेनिफर मुसिनो फर्नांडिज को 6-4 से शिकस्त देकर टोक्यो ओलंपिक (Tokyo 2020) में भारतीय उम्मीदें बनाए रखी जबकि बुधवार को तरूणदीप राय और प्रवीण जाधव अपने मुकाबले गंवाकर बाहर हो गए।

दीपिका ने बुधवार को दूसरे दौर में जीत दर्ज करने के बाद पत्रकारों से कहा, “निश्चित रूप से मैं नर्वस हूं। ओलंपिक में दबाव अलग स्तर का होता है क्योंकि आपने यहां पदक जीतने के लिए इतने सालों तक प्रयास किया है। यह आपके अंदर का ही द्वंद्व होता है और मैं यहां खुद के खिलाफ जीत दर्ज करने की कोशिश कर रही हूं।”

उन्होंने कहा, “उम्मीदों का दबाव लोगों से नहीं बल्कि खुद से ही होता है क्योंकि आप हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हो।”

दीपिका ने कहा, “जब आप यहां निशाना लगाते हो तो आप देश के लोगों का दबाव महसूस नहीं करते। यह इतना मायने नहीं रखता बल्कि यह खुद का दबाव होता है जिसका अकसर असर पड़ता है। हम हमेशा इससे निपटने की कोशिश करते हैं।”

Tokyo 2020: अंतिम 16 में प्रवेश करने के बाद Deepika Kumari ने कहा, ओलंपिक पदक जीतना खुद के खिलाफ द्वंद्व जीतने की तरह होगा

दीपिका ने दुनिया की नंबर एक तीरंदाज के रूप में लंदन 2012 में ओलंपिक (Olympic Games) डेब्यू किया था लेकिन वह पहले ही दौर में बाहर हो गई थीं।

रियो 2016 (Olympic Games) से पहले भी फिर उनसे काफी उम्मीदें लगाई गईं थीं लेकिन वह प्री क्वार्टर-फाइनल से ही बाहर हो गईं।

उन्होंने कहा, “मेरी किस्मत ही खराब है। नहीं पता कि आगे क्या लिखा है। हर बार ओलंपिक से पहले मैं कुछ जीतकर सुर्खियों में आ जाती हूं। ईमानदारी से कहूं मैं सुर्खियों में नहीं आना चाहती लेकिन यह हो जाता है।”

अब दीपिका (Deepika Kumari) को अगले दौर में निशाना लगाने से पहले दो दिन का ब्रेक मिला है और शनिवार का दिन बड़ा दिन होगा जब महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक तय होंगे।

नोट – भाषा

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