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Tokyo Olympics: BWF को अपने फैसले पर गौर करना चाहिए- किदांबी श्रीकांत

Tokyo Olympics: BWF को अपने फैसले पर गौर करना चाहिए- किदांबी श्रीकांत

Tokyo Olympics: BWF को अपने फैसले पर गौर करना चाहिए- किदांबी श्रीकांत
Tokyo Olympics: BWF को अपने फैसले पर गौर करना चाहिए- किदांबी श्रीकांत : स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत के टोक्यो ओलंपिक्स में जाने का सपना टूट गया. उनका कहना है कि बीडब्ल्यूएफ को इस बारे में दोबारा विचार करना चाहिए और उसके बाद फैसला लेना चाहिए. किदांबी श्रीकांत और साइना नेहवाल के लिए टोक्यो ओलंपिक खेलों […]

Tokyo Olympics: BWF को अपने फैसले पर गौर करना चाहिए- किदांबी श्रीकांत : स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत के टोक्यो ओलंपिक्स में जाने का सपना टूट गया. उनका कहना है कि बीडब्ल्यूएफ को इस बारे में दोबारा विचार करना चाहिए और उसके बाद फैसला लेना चाहिए.

किदांबी श्रीकांत और साइना नेहवाल के लिए टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए क्वॉलीफाई करने की उम्मीदें खत्म हो गईं क्योंकि खेल की विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि क्वॉलीफिकेशन अवधि के अंदर कोई और टूर्नामेंट नहीं होगा और मौजूदा रैंकिंग सूची में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

इस महीने के शुरुआत में, सिंगापुर ओपन महामारी के कारण रद्द हो गया था. सिंगापुर ओपन 2021 सुपर 500 इवेंट है और वो टोक्यो ओलंपिक में क्वॉलीफाई करने की आखिरी उम्मीद थी. भारतीय शटलर ने अपनी निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि बीडब्ल्यूएफ को अपने फैसले पर एक बार और विचार करना चाहिए ताकि जो खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक में जाने के लिए मेहनत कर रहे हैं उनकी मदद हो सके.

किदांबी ने एएनआई से कहा, “देखिए, इसमें अब मैं और आप कुछ नहीं कर सकते थे, पिछले महीने चीजें हाथों से निकल चुकी थीं. लेकिन बीडब्ल्यूएफ इस मामले में एक बार फिर गौर कर सकता है और शायद ऐसा फैसला ले सकता है जिससे हर खिलाड़ी की मदद हो सके क्योंकि 5-6 टूर्नामेंट कैंसल हुए थे. और अगर ये सभी टूर्नामेंट हुए होते तो मैं ओलंपिक्स के लिए क्वॉलीफाई कर सकता था. टूर्नामेंट कैंसल हुआ और खिलाड़ियों ने क्वॉलीफाई करने का मौका गंवा दिया तो मुझे लगता है कि बीडब्ल्यूएफ तो इस बारे में सोचना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “मैं 2016 ओलंपिक में था तो ये मेरा सपना था कि मैं 2020 भी खेलूं, मेरा सपना मेडल जीतने का था. अब मैं काफी हताश हूं कि मैं ओलंपिक में नहीं जा रहा. लेकिन अगर बीडब्ल्यूएफ नए नियम बनाता है तो उन खिलाड़ियों की मदद हो जाएगी जो क्वॉलीफाई कर सकते हैं. ये मेरे लिए अंत नहीं है, मैं मेहनत करूंगा और भविष्य के टूर्नामेंट में बेहतर करूंगा.”

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